Image - 2026-04-23 15:48
धोखे से कैद: 1666 में, औरंगजेब ने शिवाजी महाराज और उनके पुत्र संभाजी को आगरा बुलाया और उन्हें एक कड़ी सुरक्षा वाली हवेली में कैद कर दिया [00:12]। बीमारी का नाटक: पहरा बहुत सख्त होने के कारण, महाराज ने एक चतुर योजना बनाई। उन्होंने बीमार होने का नाटक किया और धीरे-धीरे पहरेदारों को यह विश्वास दिला दिया कि वह बहुत कमजोर हो गए हैं [00:43]। टोकरियों की योजना: उन्होंने दान और भोग के नाम पर हर दिन बड़ी-बड़ी टोकरियों में मिठाई और फल बाहर भेजने की अनुमति ली। शुरुआत में सैनिकों ने इनकी जांच की, लेकिन धीरे-धीरे वे लापरवाह हो गए [01:01]। साहसी पलायन: एक दिन, शिवाजी महाराज और संभाजी स्वयं उन टोकरियों में छुप गए और महल से बाहर निकल गए [01:26]। सुरक्षित वापसी: बाहर निकलने के बाद, वे अपने गुप्त साथियों के साथ घोड़ों पर सवार होकर सुरक्षित स्थान की ओर निकल गए। जब तक औरंगजेब को पता चला, तब तक बहुत देर हो चुकी थी [01:49]।
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